
राहुल दास बैरागी का ‘झूठ’ और बयानों की हकीकत:
इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे तथाकथित पत्रकार राहुल दास बैरागी का नाम सामने आया है, जिसने अपनी सस्ती लोकप्रियता के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। लेकिन बयानों ने इस साजिश की हवा निकाल दी है:
छात्रा ज्योति और मुस्कान की जुबानी: छात्राओं ने स्पष्ट किया— “मैडम ने हमें सिर्फ अनुशासन सिखाया और कहा कि स्कूल में दो चोटी बनाकर आया करो। हमारे बाल किसी ने नहीं काटे। राहुल दास बैरागी ने हमारी बात को गलत तरीके से पेश किया और झूठी खबर चलवाई।”
पालकों (अभिभावकों) का कड़ा रुख: छात्राओं के माता-पिता ने इस भ्रामक खबर का खंडन करते हुए कहा— “हमारे बच्चों के साथ कोई गलत हरकत नहीं हुई है। राहुल दास बैरागी ने हमसे पूछे बिना हमारे बच्चों के नाम का गलत इस्तेमाल किया, जिससे हमारे परिवार की बदनामी हुई है।”
प्रभारी प्राचार्य शांतिलाल देवड़ा का पक्ष: प्राचार्य ने कहा— “विद्यालय में केवल ड्रेस कोड का पालन करने की हिदायत दी गई थी। राहुल दास बैरागी ने बिना तथ्यों की जांच किए भ्रामक खबर फैलाई, जो शासकीय कार्य में बाधा है।”
सरपंच प्रतिनिधि दशरथ गेहलोद की पुष्टि: ग्राम प्रतिनिधि ने कहा— “स्कूल में सब सुरक्षित है। राहुल दास बैरागी ने गाँव को बदनाम करने के लिए यह झूठ फैलाया है, जिसके खिलाफ हम सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे।”
पत्रकारिता के नाम पर ‘कलंक’ है ऐसी अफवाहें*
पड़ताल में पाया गया कि राहुल दास बैरागी ने न केवल खुद झूठ फैलाया, बल्कि दैनिक भास्कर जैसे बड़े संस्थानों को भी अंधेरे में रखकर गलत खबर प्रकाशित करवाई। बिना पीड़ित और स्कूल का पक्ष जाने इस तरह की खबर चलाना एक महिला शिक्षिका के सम्मान के साथ खिलवाड़ है।
अब कानून सिखाएगा सबक
पत्रकार अर्जुन कुमावत द्वारा जुटाए गए इन सभी सबूतों के आधार पर अब राहुल दास बैरागी के विरुद्ध मानहानि (Defamation) और IT Act के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
“कलम का दुरुपयोग करने वालों की अब खैर नहीं। बछौड़िया स्कूल की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले राहुल दास बैरागी को अब कानूनन जवाब दिया जाएगा।”
पत्रकार अर्जुन कुमावत
(रतलाम)
मो. 9302720917








